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शायरी – ये हुस्न देखकर ही तो वो चाँद परेशान है
गम की नजर से देखिए, दिल के असर से देखिए है अश्क भी लाल रंग, खूने-जिगर से देखिए तैराक भी कितने यहां प्यासे ही मर गए संसार की नदी में भी जरा फिसल के देखिए…