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शायरी – मयक़दे में आके शराबी, बन गया रे बन गया
शायरी जिसको भी चाहा रे तुमने, खो गया रे खो गया जिसको भी अपना माना, छल गया रे छल गया खोजने निकला था मैं एक आशियाँ सुकून का मयकदे में आके शराबी, बन गया रे बन गया…