jazbat.com
शायरी – तेरी आंखों में भी हमने आंसू ही तो देखे थे
शायरी बंद आंखों में ये आंसू जलते गए, जलते गए नींद में भी दर्दे राह पे चलते गए, चलते गए आंसुओं से रंग दी हमने अपनी कितनी ही गजलें रो-रो के ही दिल की बातें लिखते गए, लिखते गए…