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शायरी – आधी रातों में वो दिल को छूकर चली गई
शायरी कोई दरवाजे पे दस्तक देकर चली गई आधी रातों में वो दिल को छूकर चली गई मैं बरसता भी तो कैसे अबके सावन वो अपनी जुल्फों में मुझे लेकर चली गई…