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शायरी – तू ही तस्वीर थी और दिल मेरा आईना था
शायरी मैं परिंदों की तरह आस्मा में उड़ता था आठों पहर तेरे खयालों में डूबा रहता था मुझपे इतनी तो सनम इनायत की तुमने मुस्कुराती थी जब तुमको सनम कहता था…