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शायरी – मैं तो पीती हूँ कि साँस लेने में दिक्कत ना हो
शायरी मैं तो पीती हूं कि सांस लेने में दिक्कत ना हो कोई तो शख्स हो जिसे मुझसे शिकायत ना हो वो मिला था कितनी बार मैं गिन ना सकी अब जो मिल जाए तो फुरकत की नौबत ना हो…