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शायरी – आप क्यों इस प्यार को कहती हैं पहला-पहला
शायरी उदास रात का मंजर है कितना धुंधला-धुंधला देखिए इश्क का मौसम है कुछ बदला-बदला मायूस अंधेरे के साये में जी रहा हूं तन्हा जाने कब चांद दिखेगा मुझे उजला-उजला…