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शायरी – हद से ज्यादा ये दर्द जब बढ़ जाएगा
शायरी हम वस्ल के वहम में जीये जाएंगे हिज्र के दर्द अलम से पीये जाएंगे तेरी यादों की रातों में रोएंगे हम इश्क में ये सितम भी सहे जाएँगे…