jazbat.com
शायरी – पास आता है तो मैं खुद को भूल जाती हूं
दूर जाता है तो वो मुझको भूल जाता है पास आता है तो मैं खुद को भूल जाती हूं ऐसा अक्सर होता है रातों में सनम नींद आती है मगर सोना भूल जाती हूँ…