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शायरी – दिल जो तोड़ा तो किया कोई बुरा काम नहीं
शायरी दिल जो तोड़ा तो किया कोई बुरा काम नहीं जानेमन तेरी मुकम्मल कोई दास्तान नहीं जो अधूरा हो मगर फिर भी पूरा लगता हो सिवाय इश्क के है ऐसा कोई मुकाम नहीं…