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शायरी – मेरी उदासियाँ भी सुनाएगी दास्ताँ
महसूस करेगा वो मेरे दर्द की जुबाँ मेरी उदासियाँ भी सुनाएगी दास्ताँ पतझड़ की बारिशों में वो भीग गया है अब धूप के लिए जलाएगा आशियाँ…