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शायरी – लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा
शायरी इश्क में इस जिंदगी को जीना मुझे पड़ा लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा कैसा मुकाम था जिसे छोड़ गए वो तन्हा अक्सर उसी जगह पे रोज रोना मुझे पड़ा…