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शायरी – शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है
शायरी रू-ब-रू आग के जब आईने बन गए आस्मा के दिल में तब एक चाँद बन गए शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है वही बूँद मेरी आँखों की जुबां बन गए…