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शायरी – जिनको भी गमे-इश्क में मौत मिल गई
जिनको भी गमे-इश्क में मौत मिल गई समझो कि उसे मरने से फुरसत मिल गई ना रोक तू हमें अब पीने से ऐ वाइज कुछ जाम से मेरे रूह को जन्नत मिल गई…