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शायरी – इश्क छाया है जबसे मेरी निगाहों पे
इश्क छाया है जबसे मेरी निगाहों पे बस अंधेरा ही नज़र आता है जमाने में बरस चुका है सावन, बदल गया मौसम फिर भी बादल हैं आकाश के खजाने में…