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शायरी – दीवानों का ये पागलपन, ये फितरत आप क्या जाने
लव शायरी जिन्हें महबूब की सूरत से बेहतर कुछ नहीं दिखता दीवानों का ये पागलपन, ये फितरत आप क्या जानें न दौलत है न जागीरें, न रहने का ठिकाना है फकीरों की तरह जीने की कीमत आप क्या जानें…