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शायरी – किस तरह मैं अपने ही दिल को बेवफा लिखूं
शायरी कौन से लफ्ज़ में मैं दर्द की सदा लिखूं किस तरह मैं अपने ही दिल को बेवफा लिखूं इन अंधेरों की खामोशी में है रूह मेरी और उजालों में दिखे जिस्म को जनाजा लिखूं…