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शायरी – रोशनी के लिए तेरी याद जला लेते हैं
शायरी मेरी रातों को दीपक की जरूरत ना रही रोशनी के लिए तेरी याद जला लेते हैं लोग मरते रहे जन्नत की खुशियों के लिए और हम हैं कि अपना हर दर्द बढ़ा लेते हैं…