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शायरी – मेरी तन्हाई मिटाने वाला कोई नहीं
शायरी मेरी तन्हाई मिटाने वाला कोई नहीं अब मेरा साथ निभाने वाला कोई नहीं इतना सन्नाटा पसरा है इस जंगल में एक पत्ता भी हिलाने वाला कोई नहीं…