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शायरी – तेरा दामन ना भींगा मेरे आंसू से अब तक
शायरी अरे मैं तो इधर हूं, उधर बस तू ही तू है कदम किसकी तरफ तुम बढ़ाते जा रहे हो तेरा दामन ना भींगा मेरे आंसू से अब तक मगर आंचल को मेरे भिंगोते जा रहे हो…