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शायरी – गुजर जाए, गुजर जाए, ये सूनी रात गुजर जाए
हिंदी शायरी गुजर जाए, गुजर जाए, ये सूनी रात गुजर जाए बड़ी मुद्दत से तन्हा हूं, कभी हालात सुधर जाए दुआ में जान बाकी है, तभी तो हाथ उठते हैं मगर कभी तो तेरे रू-ब-रू दो लफ्ज निकल जाए…