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शायरी – इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है
इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है इस दुनिया में सदियों से आशिक का ये किस्सा है दर्दे-दिल की आग को कोई सागर क्या बुझाएगा दिलजला तो मौत के पहलू में जाकर ही बुझता है…