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शायरी – निगाहों में महबूब की तस्वीर तो बन जाने दो
हिंदी शायरी शाम तो ढल गई अब तो शमा जल जाने दो ऐ खुदा चांद को घर से तो निकल जाने दो कोई धरती पे नहीं जिसे देखूं मैं जी भरके निगाहों में महबूब की तस्वीर तो बन जाने दो…