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शायरी – अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता
हिंदी शायरी अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता किसी शीशे को ये तोड़े, कभी मुमकिन नहीं होता मसीहा ने जमाने को सिखाया राह पे चलना मगर दुनिया में कोई सच्चा मुसाफिर नहीं होता…