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शायरी – वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है
वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है तस्वीर है ये जिसकी, वो दिलदार है कहां कोई खबर नहीं है, उसका कोई पता नहीं कैसे मिलेगा मुझको मुसाफिर का आशियां…