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शायरी – तेरे जैसा कोई भी गजल हो न सका
शायरी मेरी तन्हाई में किसी का दखल हो न सका मेरी किस्मत में कभी भी बदल हो न सका यूं तो लिखी हैं हमने तुझपे ही सैकड़ों गजलें पर तेरे जैसा कोई भी गजल हो न सका…