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शायरी – दर्द बेजुबां हो तो दिल क्या कहे
शायरी दर्द बेजुबां हो तो ये दिल क्या कहे आह खामोश हो तो ये लब क्या कहे आरजू का हर एक अश्क आंखों में था उसने देखा नहीं तो पलक क्या कहे…