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शायरी – सौ बार टूटा दिल मेरा, सौ बार बिखरी आरजू
सौ बार टूटा दिल मेरा, सौ बार बिखरी आरजू दुनिया में इज्जत ढ़ूंढ़ी तो सौ बार लुट गई आबरू मुझसा ही तू उदास था, मुझसा ही तू बर्बाद था मुझसे ही तुमको इश्क था, आया न तू मेरे रू-ब-रू…