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शायरी – जो रह गए थे दरम्यां वो फासले क्या थे
शायरी जो रह गए थे दरम्यां वो फासले क्या थे मसला-ए-दिल सुलझा नहीं, वो मामले क्या थे तेरे इश्क में सूरत से मैं उदास हो गया जिसे देखकर तू निखर गई वो आईने क्या थे…