jazbat.com
शायरी – खामोशियां, तन्हाइयां और दर्द की अंगराइयां
शायरी खामोशियां, तन्हाइयां और दर्द की अंगराइयां इस रूह से उठती है ये इश्क की पूरवाइयां अपनी ही जिंदगी मेरी कांटों पे ही सो गई अब ख्वाब में उड़ती है मेरे खून की चिंगारियां…