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शायरी – तुम भले ही किसी गैर की बाहों में रहो
शायरी मेरे आंगन में रोशनी भले ना रहे तेरे दामन में चांदनी हमेशा रहे मर भी जाऊं तो कफन मिले ना मिले मेरे खातिर तेरी ओढ़नी हमेशा रहे…