jazbat.com
वो शायरी है, गजल है या फसाना है
दर्द की आग न हो तो मैं जी न पाऊंगा अश्क की आब न हो तो मैं जल जाऊंगा वो शायरी है, गजल है या फसाना है जाने कब तक मैं उसको समझ पाऊंगा…