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शायरी – मैं चल पड़ा था घर से तेरी तलाश में
सब कुछ है नसीब में, तेरा नाम नहीं है दिन-रात की तन्हाई में आराम नहीं है मैं चल पड़ा था घर से तेरी तलाश में आगाज तो किया मगर अंजाम नहीं है…