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शायरी – जा रही हो साथी तो इतना करती जाओ
जा रही हो साथी तो इतना करती जाओ अपनी सूरत को मेरे सीने से जुदा कर दो आज तक तो मुस्कुराके कहती आई थी आज जरा रो के मुझे अलविदा कह दो…