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शायरी – ऐ नादां मुहब्बत तू मुझको ऐसे ना रुला | shayari-love shayari-hindi shayari
शायरी ऐ नादां मुहब्बत तू मुझको ऐसे ना रुला मेरी आंखों को न दे मेरे गुनाहों का सिला अपनी तन्हाई में तो हमको खुशी न मिली बेपनाह दर्द भी तेरी ही पनाहों में मिला…