jazbat.com
शायरी – देखा है किसी के दर्द में टूट-बिखरकर | shayari-love shayari-hindi shayari
इक तरफ बुझा चिराग, दूसरी तरफ तन्हाई इक उम्र गुजार दी उस नूर के लिए रो-रोकर