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शायरी – तेरी यादों के सिवा बचा क्या दिल में, कुछ भी नहीं | shayari-love shayari-hindi shayari
तेरे सिवा दुनिया में है अपना क्या, कुछ भी नहीं तेरी यादों के सिवा आशियां में क्या, कुछ भी नहीं मौत आती तो है मेरे दर पे रोज चुपके-चुपके मगर मिलता है उसे मुझमें अब क्या, कुछ भी नहीं मुद्दतों-बरसों ज…