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शायरी – कितनी बार गुजर गई तुम मेरे करीब से
हम हैं कहीं दूर बैठे तेरी याद में तन्हा मगर दर्द के सिवा मेरे दिल को क्या हासिल कितनी बार गुजर गई तुम मेरे करीब से तेरी परछाई के सिवा आईने को क्या हासिल…