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शायरी – कभी रोए तेरे खातिर, कभी चुप हुए तेरे खातिर | shayari-love shayari-hindi shayari
कभी रोए तेरे खातिर, चुप हुए तेरे खातिर कभी जलते तो कभी बुझते रहे तेरे खातिर खर्च होने न दिया हंसी को अपने होठों से अपनी खामोशी में सहेजते रहे तेरे खातिर…