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शायरी – एक गुमराह तेरा शहर खोजने निकला | shayari-love shayari-hindi shayari
एक गुमराह तेरा शहर खोजने निकला अपनी मंजिल का रहगुजर खोजने निकला तुम बड़े दूर थे लेकिन तेरा अहसास तो था तेरे जैसा ही हमसफर खोजने निकला…