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शायरी – तुम लफ्ज़ बन कागज़ पे उतर जाती हो | shayari-love shayari-hindi shayari
जब याद करता हूँ तुम आ जाती हो जब रो पड़ता हूँ तुम छलक जाती हो लिखने को जब मैं उठाता हूँ कलम तुम लफ्ज़ बन कागज़ पे उतर जाती हो…