jazbat.com
शायरी – जब हुस्न के शोलों में वो संवर के आते हैं
जब हुस्न के शोलों में वो संवर के आते हैं मेरे सीने में इश्क के चिराग जल जाते हैं उस नूर का दुनिया पर ये असर होता है उसे देखकर मुरझाए चेहरे खिल जाते हैं…