jazbat.com
शायरी – रंग लिया जबसे हाथ मोहब्बत के खून से | shayari-love shayari-hindi shayari
दीवानों को देखते ही पत्थर ही मारेंगे वो और क्या उम्मीद रखें लोगों के हुजूम से फिर भी हो रहे पैदा लैला मजनू बस्ती में रोज छपता है अखबार उनके ही खून से…