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शायरी – अचानक तुम आ गई मेरी खुशियों की राह में
दर्द के फूलों को तेरे कदमों पे निसार चुका मैं तेरी इबादत की खातिर गुलशन उजाड़ चुका मैं अचानक तुम आ गई मेरी खुशियों की राह में उदासी को फिर अपनी सूरत पे संवार चुका मैं…