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शायरी – तेरी हर अदा पे ये इल्ज़ाम है
शायरी तेरी हर अदा पे ये इल्ज़ाम है लबो-ज़ुल्फ-आँखों पे इल्ज़ाम है क्यूँ लायी थी तुम सूरत में अपने मेरी बर्बादियों के जो सामान हैं…