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शायरी ईमेज l एक गम हैं सौ तरह के, झेलकर मैं मर गई | shayari image and love stories
शायरी पास आने के लिए कितनी मोहलत चाहिए एक मुद्दत से बहार आते-आते गुजर गई फासलों में फासले हैं, हर जुदाई में हिज्रां एक गम हैं सौ तरह के, झेलकर मैं मर गई…