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फोटो शायरी – हम उधर को चले जिस डगर पे मेरी तन्हाई है | shayari image and love stories
ये बेगानी शाम बस कुछ पल की मेहमान है रूबरू मेरे कोई अपना नहीं, एक सुनसान है हम उधर को चले जिस डगर पे मेरी तन्हाई है उस शहर में जहां किसी से न मेरी पहचान है…