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शायरी – ओ मुझे तन्हा छोड़ के जाने वाले, आखिरी दास्तां सुनते जाओ | shayari and love stories
शायरी ओ तन्हा छोड़ के जाने वाले आखिरी दास्तां सुनते जाओ तू खुदा तो नहीं था मगर उम्र गुजरी तेरी इबादत करते इस दिल को समझाऊंगा कि तुमको याद न किया करे कभी ऐ दिल, फूल गले ना लगाए तो कांटों को नही…