jazbat.com
खुदाई शायरी- तेरी बंदगी अब तेरी गली में | shayari and love stories
मेरी जिंदगी अब तेरी गली में तेरी बंदगी अब तेरी गली में तेरे शहर में भटका बहुत हूं ये आवारगी अब तेरी गली में दिल से नजर तक तू छा गई खोजूं मैं खुद को तेरी गली में तू मेरे ख्वाबों की कमसिन परी देखता ह…