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शायरी – छुपते हैं बेवफा जब मुस्कुराहटों के पीछे | shayari and love stories
शायरी अंधेरी तन्हाई में हम तबसे बुझ रहे हैं गैरों के घर में जबसे शम्मे जल रहे हैं छुपते हैं बेवफा जब मुस्कुराहटों के पीछे देखिए किस अदा से दो होठ हिल रहे हैं…